चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 30

156 : - आपातकाल में स्नेह करने वाला ही मित्र होता है।

157 : - मित्रों के संग्रह से बल प्राप्त होता है।

158 : - जो धैर्यवान नहीं है, उसका न वर्तमान है न भविष्य।

159 : - संकट में बुद्धि ही काम आती है। 

160 : - लोहे को लोहे से ही काटना चाहिए।

Also, Read
Swami Vivekananda
Good Morning
Chanakya Niti

chanakya thoughts success

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *