चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 39

191 : - अपने से अधिक शक्तिशाली और समान बल वाले से शत्रुता न करे।

192 : - मंत्रणा को गुप्त रखने से ही कार्य सिद्ध होता है।

193 : - योग्य सहायकों के बिना निर्णय करना बड़ा कठिन होता है।

194 : - एक अकेला पहिया नहीं चला करता।

195 : - अविनीत स्वामी के होने से तो स्वामी का न होना अच्छा है।

Also, Read
Swami Vivekananda
Good Morning
Chanakya Niti

chanakya thoughts success

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: