चाणक्य के अनमोल विचार || Chaanaky Ke Anamol Vichaar – Part 63

311 : - सिद्ध हुए कार्ये का प्रकाशन करना ही उचित कर्तव्य होना चाहिए।
312 : - संयोग से तो एक कीड़ा भी स्तिथि में परिवर्तन कर देता है। 
313 : - अज्ञानी व्यक्ति के कार्य को बहुत अधिक महत्तव नहीं देना चाहिए। 
314 : - ज्ञानियों के कार्य भी भाग्य तथा मनुष्यों के दोष से दूषित हो जाते है। 
315 : - भाग्य का शमन शांति से करना चाहिए।

Also, Read
Swami Vivekananda
Good Morning
Chanakya Niti

Chanakya Quotes in Hindi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: